वसीयत यह तय करती है कि आपके बाद आपकी संपत्ति किसे मिलेगी; पावर ऑफ़ अटॉर्नी तय करती है कि अगर आप स्वयं निर्णय न ले सकें तो आपके लिए कौन निर्णय लेगा। ओंटारियो में ये अलग दस्तावेज़ होते हैं।
ज़रूरी दस्तावेज़
- वसीयत (एग्ज़िक्यूटर, बच्चों के संरक्षक और लाभार्थी)
- संपत्ति के लिए पावर ऑफ़ अटॉर्नी
- व्यक्तिगत देखभाल के लिए पावर ऑफ़ अटॉर्नी
भारत में संपत्ति
कनाडा की वसीयत भारत की संपत्ति पर अपने आप लागू नहीं होती। भारतीय अदालतें एक निर्धारित प्रक्रिया के ज़रिए कनाडा के प्रोबेट को मान्यता दे सकती हैं, जिसकी पहले से योजना बनाना ज़रूरी है।
प्रोबेट
मिसिसॉगा या ब्रैम्प्टन में रहने वाले व्यक्ति की मृत्यु के बाद आवेदन पील क्षेत्र की सुपीरियर कोर्ट ऑफ़ जस्टिस (ब्रैम्प्टन) में दाखिल होता है।
साथ लाएँ
- मूल वसीयत
- मृत्यु प्रमाणपत्र
- संपत्ति और कर्ज़ की सूची
- लाभार्थियों के नाम और संपर्क
- विदेश (भारत सहित) में संपत्ति का विवरण
अंतिम अपडेट: .यह पृष्ठ ओंटारियो के कानून की सामान्य जानकारी है, कानूनी सलाह नहीं। हर मामला अलग होता है; अपने मामले के बारे में वकील से बात करें।
